अखिलेश यादव ने गठबंधन टूटने के बाद पहली बार दिया बसपा को जवाब

186
SHARE

बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद जब समाजवादी पार्टी से गठबंधन तोड़ा तो उसके बाद से उन्होंने सपा को लेकर बहुत कुछ कहा लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव इस पर चुप्पी ही साधे हुए। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बसपा को करारा जवाब देना चाहते थे, लेकिन अखिलेश चुप थे तो वह भी चुप ही रहे, बहरहाल अब अखिलेश यादव की तरफ से जवाब आया है। अभी भी उन्होंने नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारों-इशारों में उन्होंने बसपा से गठबंधन पर अपनी प्रतिक्रिया दे दी है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नवभारत टाइम्स को दिए गए इंटरव्यू में कहा है कि दूसरों पर भरोसे का नुकसान हुआ है, यहां पर उनका इशारा बसपा की तरफ भी है और कांग्रेस की तरफ भी है। उन्होंने कहा है कि संगठन, संघर्ष और भरोसे से हम हर लड़ाई जीतेंगे। दूसरों पर भरोसा करने से नुकसान ही हुआ। संगठन और कार्यकर्ताओं को लगा कि दूसरों के साथ आने से हम आसानी से जीत जाएंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि अब विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेंगे, हालांकि उन्होंने छोटे दलों के साथ गठबंधन की संभावनाओं को खारिज नहीं किया।

अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख मायावती के उस आरोप का भी जवाब दिया कि सपा के वोट बसपा को ट्रांसफर नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अगर वोट ट्रांसफर नहीं होते तो हर सीट पर गठबंधन को 4-5 लाख वोट कहां से मिलते। वोट तो हमें खूब मिले, लेकिन वह अपेक्षित नतीजों में नहीं बदल सके।

अखिलेश यादव ने कहा कि मोदी-योगी सरकार को इतना अच्छा समर्थन मिला, लेकिन वे कहीं रिजल्ट नहीं दे सके। लोकसभा चुनाव में हार के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम उनके प्रोपेगैंडा तंत्र को नहीं तोड़ पाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया का रुख पक्षपाती है।

आगे की योजनाओं को बताते हुए उन्होंने कहा कि सपा जनता के उत्पीड़न को लेकर पूरे प्रदेश में एक अक्टूबर को तहसील स्तर तक प्रदर्शन करेगी। 12 अक्टूबर को लोहियाजी की पुण्यतिथि से गांव-गली, जिला स्तर पर अभियान छेड़ा जाएगा।