अभी खत्म नहीं हुई हैं उम्मीदें, चंद्रयान 2 के लैंडर से फिर संपर्क की कोशिशें जारी

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चंद्रयान 2 के लैंडर विक्रम का संपर्क भले ही चांद की सतह पर उतरने से टूट गया हो लेकिन उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं। इसरो के चेयरमैन के.सिवन ने डीडी न्यूज़ के साथ बातचीत में कहा है कि लैंडर से फिर से संपर्क करने की कोशिशें जारी हैं। उनके इस बयान से उम्मीद जगी है कि वैज्ञानिकों की कोशिशें इसी बार कामयाब हो सकती हैं।

बताते चलें कि चंद्रयान-2 अभियान को शनिवार तड़के उस वक्त झटका लगा था जब चांद की सतह पर उतरने से सिर्फ 2.1 किलोमीटर पहले लैंडर विक्रम का संपर्क इसरो से टूट गया। इसरो के आधिकारिक बयान में कहा गया था कि लैंडर विक्रम उतर रहा था और लक्ष्य से 2.1 किलोमीटर पहले तक सब सामान्य था। इसके बाद विक्रम का संपर्क टूट गया, आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है।

डीडी न्यूज के साथ बातचीत में इसरो प्रमुख के.सिवन ने बताया कि चंद्रयान-2 अभियान 95 फीसदी सफल रहा है। उन्होंने बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर 7.5 साल तक काम कर सकता है। ऑर्बिटर अभी भी सही है चंद्रमा की कक्षा में सामान्य रूप से काम कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गगनयान समेत इसरो के सभी मिशन तय समय पर पूरे होंगे।

इसरो के इस अभियान पर दुनिया भर की नजरें थीं। नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री जेरी लिनेंगर ने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन के तहत विक्रम लैंडर की चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की भारत की ‘साहसिक कोशिश’ से मिला अनुभव सहायक होगा। जेरी, साल 1986 से 2001 तक पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित रूसी अंतरिक्ष केंद्र मीर में 5 महीने तक रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें इससे हताश नहीं होना चाहिए। भारत कुछ ऐसा करने की कोशिश कर रहा है जो बहुत ही कठिन है। लैंडर से संपर्क टूटने से पहले सबकुछ योजना के तहत था।