उत्तर प्रदेश की मंत्री कमल रानी वरुण की कोरोना से मौत

49
SHARE

देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं और कोरोना संक्रमितों की संख्या 17 लाख के पार पहुंच गई है। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण की कोरोना से मौत हो गई है। कमल रानी वरुण 18 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं और रविवार सुबह 9.30 बजे उनका निधन हो गया। उनका इलाज लखनऊ के एसजीपीआई अस्पताल में चल रहा था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कई दिनों से प्रदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एसजीपीजीआई में उनका उपचार चल रहा था। वह कोरोना वायरस संक्रमित थीं। आज सुबह उनका दु:खद निधन हुआ।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि कमल रानी वरूण ने मंत्रिमंडल में बड़ी कुशलतापूर्वक काम किया। उनका निधन समाज, सरकार और पार्टी के लिए बड़ी क्षति है।


कमल रानी वरुण के निधन पर शोक जताते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ‘कोरोना से पीड़ित उप्र की प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्रीमती कमल रानी वरुण जी के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि एवं शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना’.


सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री श्रीमती कमल रानी वरुण जी के आकस्मिक निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर से प्रार्थना है की दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिवार को दुःख सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति’


बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश की प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी की कोरोना संक्रमण से आज हुई मौत की खबर अति-दुःखद व काफी चिन्ताजनक भी। इस दुःखद मौत को देखते हुए केन्द्र व राज्य सरकार दोनों को ही यूपी में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप की रोकथाम आदि के मामले में अति-गंभीर होने की जरूरत है’।


अपना दल (एस) की अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री श्रीमती कमल रानी वरुण जी के निधन का दु:खद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिजनों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शान्ति


कमल रानी वरुण योगी सरकार में प्राविधिक शिक्षा मंत्री थीं। उनका जन्म लखनऊ में 3 मई 1958 को हुआ था। उनका विवाह कानपुर के रहने वाले किशन लाल वरुण से हुआ। कमल रानी ने 1977 में पहली बार मतदाता पर्ची काटने का काम शुरू करते हुए राजनीति में प्रवेश किया था। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत मलिन बस्तियों से की। वह पार्षद से लेकर सांसद तक रहीं और 2017 के विधानसभा चुनावों में कानपुर के घाटमपुर से विधायक चुनी गई थीं।