कोटा के लिए भाजपा एमएलए को परमिट देने वाले एसडीओ सस्पेंड, राबड़ी देवी ने कहा अधिकारियों से भेदभाव कर रही सरकार

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राजस्थान के कोटा से अपने बच्चों को वापस लाने के लिए कुछ रसूखदारों को विशेष पास जारी करने के मसले को लेकर बिहार में घमासान मचा हुआ है। मामले पर खासी किरकिरी होती देख सरकार ने चेहरा बचाने की कवायद के तहत हिसुआ से विधायक अनिल सिंह को पास जारी करने वाले नवादा सदर एसडीओ अनु कुमार को निलंबित कर दिया था लेकिन अब दूसरी मुसीबत खड़ी हो गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकार के इस फैसले को भेदभाव भरा करार दिया है। उन्होंने कहा है कि बिहार सरकार के निर्णयों में असमानता है। जब नवादा के SDM को निलंबित किया गया है तो मुज़फ़्फ़रपुर के DM पर कारवाई क्यों नहीं हुई? निलंबित तो नवादा DM को करना चाहिए जिन्होंने आदेश दिया। राबड़ी देवी ने सवाल किया है कि आख़िर वरीय अधिकारियों ने गलती की है तो बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के साथ भेदभाव क्यों? उन्होंने कहा है कि बड़े अफ़सरों को बचाओ, छोटे कर्मचारियों को फँसाओ यही NDA सरकार की अब तक की नीति रही है।

एसडीओ के निलंबन पर राबड़ी देवी ने जो कहा कुछ वैसा ही बिहार प्रशासनिक सेवा संघ भी कह रहा है। निलंबित एसडीओ अनु कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा संघ यानी बासा के अधिकारी हैं और इस संघ ने नवादा सदर एसडीओ अनु कुमार के निलंबन का कड़ा विरोध किया है। संघ का कहना है कि ठीक इसी तरह का आदेश मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी ने भी जारी किया, लेकिन, उन पर किसी तरह की कोई कार्रवाई सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से नहीं की गयी है। बासा का कहना है कि विधानमंडल के सदस्य के लिखित आवेदन पर तथा जिला पदाधिकारी की मौखिक सहमति पर ही नवादा सदर एसडीओ ने यह निर्णय लिया था, ऐसे में सिर्फ एसडीओ पर कार्रवाई गलत है।

बिहार प्रशासनिक सेवा संघ का कहना है कि बिहार के अन्य जिलों में भी कोटा के लिए कई परमिट जारी किये गये हैं…संघ की मांग है कि जिला पदाधिकारी की तरफ से जारी अंतरराज्यीय परमिट में भी संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये… बासा के अध्यक्ष शशांक शेखर का कहना था कि इस मामले में सरकार के निर्णय के खिलाफ विरोध करने में संघ हरसंभव लड़ाई लड़ेगा।

बताते चलें कि बिहार में भाजपा विधायक अनिल सिंह को राजस्थान के कोटा से अपनी बेटी को वापस लाने का पास जारी करने पर बिहार सरकार की खासी किरकिरी हो रही थी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत प्रशांत किशोर ने भी नीतीश सरकार को इस मसले पर घेरा था। नवादा के डीएम ने भाजपा विधायक अनिल सिंह को लॉकडाउन में पास जारी करनेवाले नवादा सदर एसडीओ अन्नू कुमार को कर्तव्य पालन में गंभीर लापरवाही का दोषी पाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सिफारिश की थी। अन्नू कुमार पर आरोप है कि विधायक को वाहन पास की अनुमति देने से पहले उनके स्तर से समर्पित आवेदन की समुचित समीक्षा और जांच नहीं की गयी, इसके बिना ही उन्हें अंतरराज्यीय पास जारी कर दिया गया।