जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश होंगे

23
SHARE

केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला करते हुए जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में चार संकल्प पेश करते हुए अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब अनुच्छेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे, इसमें सिर्फ एक खंड रहेगा।


इसके साथ ही गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का विधेयक पेश किया। जम्मू – कश्मी‍र को अब केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है। लद्दाख अब अलग केंद्र शासित प्रदेश बनेगा। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी लेकिन यह दिल्ली की तरह केंद्र शासित प्रदेश होगा। लद्दाख बिना विधानसभा के केंद्र शासित प्रदेश होगा यानी यहां का प्रशासन चंडीगढ़ की तर्ज पर चलेगा।


सरकार के इस फैसले के बाद अब देश का कोई भी नागरिक जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीद पाएगा। जम्मू-कश्मीर में अब अलग झंडा नहीं रहेगा यानी राष्ट्रध्वज तिरंगा ही रहेगा। जम्मू-कश्मीर में अब दोहरी नागरिकता नहीं होगी। आर्टिकल 370 के कारण जम्मू-कश्मीर में वोट का अधिकार सिर्फ वहां के स्थाई नागरिकों को ही था, दूसरे राज्य के लोग यहां वोट नहीं दे सकते और न चुनाव में उम्मीदवार बन सकते थे। अब इस ऐतिहासिक फैसले के बाद भारत का कोई भी नागरिक वहां के वोटर और प्रत्याशी बन सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में देश का कोई भी नागरिक अब नौकरी पा सकता है।


अनुच्छेद 370 के हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष अधिकार पूरी तरह से खत्म हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान पूरी तरह से लागू होगा, जम्मू-कश्मीर का अपना अलग से कोई संविधान नहीं होगा। अब कश्मीर में आर्टिकल 356 का भी इस्तेमाल हो सकता है। यानी राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।