बिजनौर कोर्ट में हत्या के मामले में 18 पुलिसकर्मी सस्पेंड

50
SHARE

बिजनौर की सीजेएम कोर्ट में हुई हत्या के मामले में एसपी ने पूरी पुलिस चौकी को सस्पेंड कर दिया। कुल 18 पुलिसवालों पर गाज गिरी है जिनमें से पांच महिला पुलिसकर्मी भी हैं। इस मामले में कई मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। घटना के वक्त पीएसी वालों के खिलाफ रिपोर्ट उनके कमांडर और दिल्ली पुलिस के सिपाहियों की भूमिका की रिपोर्ट उनके अधिकारियों को भेजी गई है। इस मामले में पुलिस महानिदेशक ने डीआईजी से रिपोर्ट मांगी है।


बिजनौर के सीजेएम कोर्ट में मंगलवार को हुई हत्या के मामले में एसएसपी ने जांच के बाद पुलिस की लापरवाही मानी। यह वारदात उस वक्त हुई, जब सीजेएम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। सीजेएम योगेश कुमार इस फायरिंग में बाल-बाल बच गए। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इसी साल मई में बिजनौर के नजीबाबाद में बीएसपी नेता एहसान और उनके भांजे शादाब की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में नजीबाबाद के ही शाहनवाज और जब्बार आरोपी थे।


पुलिस के मुताबिक कुछ दिनों पहले इन दोनों आरोपियों ने दिल्ली में सरेंडर कर दिया था जिन्हें सीजेएम कोर्ट में पेशी के लिए दिल्ली पुलिस बिजनौर लेकर आई थी। इसी बीच एहसान का बेटा साहिल अपने दो साथियों के साथ कोर्ट परिसर में पहुंचा और दोनों आरोपियों पर फायरिंग शुरू कर दी। शाहनवाज को कई गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जब्बार अफरातफरी का फायदा उठाते हुए भाग गया। फायरिग के आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया।


एसपी बिजनौर ने इस मामले में मौके पर मौजूद पीएसी और बीएसपी नेता के हत्यारोपी शाहनवाज और जब्बार को पेशी पर लाने वाले दिल्ली पुलिस के पुलिसकर्मियों की भी लापरवाही मानी है। दिल्ली पुलिस के दरोगा हेतराम और पांच पुलिसवाले पेशी पर दोनों को लाए थे। दिल्ली पुलिस अधिकारियों को उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। कचहरी में तैनात पीएसी वालों की भूमिका भी लापरवाही वाली मानी गई है। उनके खिलाफ भी रिपोर्ट पीएसी कमांडेट को भेज दी गई है।


कोर्ट रूम में हुई इस वारदात गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और यूपी के डीजीपी व प्रमुख सचिव गृह को 20 दिसंबर को तलब किया है। कोर्ट में हुई हत्या को लेकर विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी ने सदन में बिजनौर की घटना को उठाया और काफी हंगामा किया।