मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर के नए उप राज्यपाल नियुक्त, मुर्मू का इस्तीफा मंजूर

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पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का नया उप राज्यपाल नियुक्त किया गया है। 5 अगस्त को ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटे एक साल पूरा हुआ है, इसी बीच बुधवार शाम को अचानक गिरीश चंद्र मुर्मू के इस्तीफे की खबर आई। मुर्मू का इस्तीफा राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है और राष्ट्रपति भवन की ओर से मनोज सिन्हा की नियुक्ति का ऐलान किया गया है।

मनोज सिन्हा को भाजपा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता रहा है। मनोज सिन्हा उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से तीन बार सांसद रह चुके हैं। केंद्र में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उनके पास रेलवे के राज्यमंत्री और संचार राज्यमंत्री का कार्यभार था। 2017 में वह यूपी के मुख्यमंत्री पद की रेस में भी आगे थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार मिली।

मनोज सिन्हा का जन्म एक जुलाई 1959 को गाजीपुर के मोहनपुरा में हुआ था। उन्होंने वाराणसी के बीएचयू आईआईटी से 1982 में सिविल स्ट्रीम में बीटेक और एमटेक किया। 1982 में वह बीएचयू छात्रसंघ के अध्यक्ष भी चुने गए थे। वह पहली बार 1996 में और दूसरी बार 1999 में गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। 1999 से 2000 तक वह योजना व वास्तुशिल्प विद्यापीठ की महापरिषद के सदस्य रहे और शासकीय आश्वासन समिति तथा ऊर्जा समिति के सदस्य भी रहे। 2014 में वह तीसरी बार गाजीपुर से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में वह एसपी-बीएसपी गठबंधन के प्रत्‍याशी अफजाल अंसारी से हार गए।

मनोज सिन्हा का विवाह एक मई 1977 को भागलपुर के सुलतानगंज की नीलम सिन्हा के साथ हुआ। उनकी एक बेटी है जिनकी शादी हो चुकी है। बेटा टेलीकॉम कम्पनी में काम कर रहा है।

मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है तो इसका साफ अर्थ है कि एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के उच्चस्थ पद पर राजनीतिक एंट्री हुई है। जब जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य था तब सत्यपाल मलिक यहां के राज्यपाल थे, लेकिन जब यह दो भागों में विभाजित होकर केंद्रशासित प्रदेश बना तो आइएएस अधिकारी जीसी मुर्मू को भेजा गया। मुर्मू की गिनती भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास अधिकारियों में होती रही है।