मिड डे मील में नमक-रोटी परोसने का खुलासा करने वाले पत्रकार पर ही केस

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मिर्जापुर जिले के एक सरकारी प्रथमिक विद्यालय में मिड-डे-मील में बच्चों को नमक-रोटी दिए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। जिला प्रशासन ने इस मामले में उस पत्रकार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया है जिसने इस घटना का वीडियो बनाया था। इस घटना को उजागर करने वाले पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पत्रकार के खिलाफ ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि के साथ मिलकर साजिशन नमक-रोटी खाने का वीडियो बनाने का आरोप लगाया गया है


खबर है कि पत्रकार पवन जायसवाल पर यह केस मिर्जापुर जिले के खंड विकास शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर दर्ज हुआ है। तहरीर में कहा गया है कि मीडिया में चलाया गया वीडियो गलत साक्ष्यों की मदद से एक साजिश के तहत प्रदेश और प्रशासन की छवि खराब करने की मंशा से बनाया गया था। तहरीर में यह भी लिखा गया है कि स्कूल में सब्जी उपलब्ध नहीं थी, लेकिन स्कूल में ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि होने के बावजूद ग्रामीण राजकुमार पाल ने सब्जी की व्यवस्था करने की बजाय पत्रकारों को सूचित किया, जो एक साजिश का संकेत देता है।


इस मामले में पत्रकार पवन जायसवाल ने कहा है कि जिला प्रशासन लीपापोती के लिए ऐसा कर रहा है। उन्होंने कहा कि खुद जिलाधिकारी ने वीडियो वायरल होने पर मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच का निर्देश दिए थे। प्रथम दृष्टया कार्रवाई करते हुए उन्होंने स्कूल के प्रभारी अध्यापक, ग्राम पंचायत के सुपरवाइजर और बीएसए को निलंबित किया था। यह बात उन्होंने मीडिया में बयान देते हुए भी कही थी, लेकिन अब जिलाधिकारी खुद अपने बात से पीछे हट रहे हैं। पवन जायसवाल ने कहा कि इस मामले में अपनी गलती छिपाने के लिए उन्हें शिकार बनाया जा रहा है।


उधर इस मामले में पुलिस अधीक्षक अवधेश पांडेय ने कहा कि सीडीओ और अन्य द्वारा की गई जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी विवेचना थाना अहरौरा द्वारा की जा रही है। इस मामले में दो नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सोमवार को एक आरोपी की गिरफ्तारी की गई है।


एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की है। एडिटर्स गिल्ड ने पत्रकार के खिलाफ की गई कार्रवाई को पत्रकारों के खिलाफ उठाया गया क्रूर कदम बताया है। गिल्ड का कहना है कि यह हैरान करने वाला है कि जो गड़बड़ी थी, उसे ठीक करने के बजाय सरकार ने पत्रकार के खिलाफ ही केस दर्ज करा दिया।


उधर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर कहा है कि ‘जिन्होंने कल मिर्ज़ापुर में मिड डे मील में बच्चों का निवाला छीना, आज उन्होंने इस भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाले पत्रकार के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करा कर ये साबित कर दिया है कि अब पत्रकारों के भी सियासी एनकाउंटर का दौर शुरू हो गया है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए सबको साथ आना चाहिए!’
बताते चलें कि पत्रकार पवन जायसवाल ने मिर्जापुर के सीयुर प्राइमरी स्कूल में बच्चों को नमक-रोटी परोसे जाने का वीडियो बनाया था, यह वीडियो वायरल हो गया तो मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिपोर्ट तलब की थी। इस मामले में स्कूल के शिक्षक व खंड शिक्षा अधिकारी समेत कई पर गाज गिरी थी। अब पत्रकार के खिलाफ की गई इस कार्रवाई ने सभी को हैरान कर दिया है।