सपा-सुभासपा में नहीं हो सका गठबंधन, यह बताई जा रही है वजह

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पिछले हफ्ते सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की मुलाकात हुई थी। खबरें थीं कि इस मुलाकात में उप चुनाव के लिए गठबंधन को लेकर बात हुई। पहले ऐसा लगा था कि दोनों दलों में गठबंधन हो जाएगा लेकिन अब साफ हो गया है कि कोशिशें नाकाम हो गई हैं और कम से कम इस उपचुनाव के लिए तो गठबंधन नहीं हो रहा।

खबरें थीं कि सुभासपा, सपा से गठबंधन के लिए तीन सीटें मांग रही है और समाजवादी पार्टी, सुभासपा को सिर्फ एक सीट घोसी की दे सकती है, लेकिन अब सपा ने घोसी समेत 10 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है और अलीगढ़ के इगलास की एक सीट आरएलडी के लिए छोड़ी है।

सपा ने रामपुर सदर की सीट से आज़म खान की पत्नी तंजीन फातिमा को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा सहारनपुर के गंगोह से चौधरी इंद्रसेन, लखनऊ कैंट से आशीष चतुर्वेदी, कानपुर के गोविंदनर से सम्राट विकास और बांदा के मानिकपुर से निर्भय सिंह पटेल को टिकट दिया गया है। प्रतापगढ़ से बृजेश वर्मा पटेल, बाराबंकी की जैदपुर सीट से गौरव रावत, अंबेडकर नगर के जलालपुर से सुभाष राय, बहराइच के बलहा से किरण भारती और मऊ के घोसी से सुधाकर सिंह को टिकट दिया गया है।

माना जा रहा है कि सुभासपा के एक से ज्यादा सीटों पर अड़े रहने से सपा और सुभासपा का गठबंधन नहीं हो सका। सुभासपा घोसी के अलावा जलालपुर और बलहा सीटों की मांग कर रही थी लेकिन सपा इसके लिए तैयार नहीं थी। इसके अलावा हमीरपुर के उपचुनाव में सपा के दूसरे नंबर पर आने और बसपा के काफी पिछड़ जाने से भी सपा का मनोबल बढ़ा है। इस वजह से भी पार्टी ने अकेले ही चलने का फैसला किया है।

गठबंधन नहीं हो पाने के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी अब सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर समेत तमाम नेता पहले से ही इन सीटों पर प्रचार में जुटे हुए हैं।