सूरज की कचहरी, सूर्य के चारो तरफ सतरंगी घेरे को कौतुहल से देखते रहे लोग

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प्रयागराज में शनिवार की दोपहर मौसम का एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला। इस दौरान सूर्य के चारों तरफ सतरंगी घेरा बन गया। यह नजारा प्रयागराज में मेजा क्षेत्र में सुबह के 10.30 बजे से 12.30 बजे के आसपास तक दिखाई दिया। यह कोई अनहोनी घटना नहीं है लेकिन दुर्लभ जरूर है और कभी-कभार ही दिखाई देती है। लोग इसे कौतुहल के साथ देखते रहे।

इस दुर्लभ नजारे को ’22 डिग्री सर्कुलर हेलो’ के नाम से जाना जाता है। जानकारों के मुताबिक ऐसा तब होता है जब सूर्य या चंद्रमा की किरणें सिरस क्‍लाउड (वैसे बादल जिनकी परत काफी पतली और महीन होती है और जिनका निर्माण आमतौर पर पृथ्वी से 5 से 10 किलोमीटर ऊपर होता है) में मौजूद हेक्‍सागोनल आइस क्रिस्‍टल्‍स से विक्षेपित हो जाती हैं। ठंडे देशों में यह नजारा आम है, लेकिन हमारे देश में इसका होना काफी दुर्लभ है और इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।

सूरज के चारो तरफ इस इंद्रधनुषी घेरे को बड़े-बुजुर्ग आम बोलचाल में सूरज की कहचरी भी कहते हैं। कहा जाता है कि सभी ग्रहों का राजा होने के कारण सूरज ने कचहरी लगाई। सभी ग्रहों को बिठाया और अपने साम्राज्य की कुशलता पर चर्चा की। इस तरह के घेरे के बाद भारी बारिश की संभावना भी की जाती है। कुछ ज्योतिषाचार्य इसे बहुत ही शुभ और देश के राजा को चक्र के समान सुरक्षा मिलने का प्रतीक मानते हैं।

बहरहाल यह दुर्लभ घटना प्रयागराज के आसपास काफी देर तक दिखी और लोग कौतुहल से इसे देखते रहे।