कैंडिडेट्स को एफिडेविट देना होगा कि बिजली और पानी का बिल बकाया नहीं है : EC

25
SHARE
चीफ इलेक्शन कमिश्नर नसीम जैदी  ने कहा, नामांकन के वक्त कैंडिडेट को ये एफिडेविट देना होगा कि उनका बिजली और पानी का बिल बकाया नहीं है। इसके अलावा चुनावी खर्च के लिए अलग खाता खुलवाना जरूरी है। चीफ इलेक्शन कमिश्नर नसीम जैदी ने कहा कि 20 हजार से ऊपर की हर पेमेंट चेक के जरिए की जाएगी। चुनाव खत्म होने के 75 दिन के भीतर खर्च का सारा ब्योरा देना होगा। पांच राज्यों के असेम्बली इलेक्शन में कैंडिडेट्स के लिए नियम इस बार कड़े कर दिए गए हैं।
नसीम जैदी ने कहा कि भारत में करीब 100% वोटर के पास फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र हैं। उन्होंने कहा कि हर परिवार को फोटो वोटर स्लिप और कलरफुल वोटर असिस्टेंस गाइड भी बांटी जाएगी। वोटर स्लिप में वोटर की फोटो के साथ वोट डालने की तारीख और वोट डालने का समय भी दिया होगा। वोटर की पूरी जानकारी भी इस स्लिप पर दी जाएगी। स्लिप के पीछे पोलिंग स्टेशन का मैप होगा| चुनावी खर्च के भुगतान के लिए कैंडिडेट्स को अलग खाता खुलवाना जरूरी होगा। 20,000 से ज्यादा के चुनावी खर्च के लिए कैंडिडेट को इसी खाते से चेक के जरिए भुगतान करना होगा।”
नसीम जैदी ने कहा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में एक कैंडीडेट 28 लाख रुपए चुनाव पर खर्च कर सकता है। गोवा और मणिपुर में कैंडिडेट 20 लाख रुपए तक चुनाव में खर्च कर सकता है।इलेक्शन कमीशन ने कहा कि चुनाव खत्म होने के 75 दिन के भीतर ही खर्च का पूरा ब्यौरा देना होगा|
इलेक्शन कमीशन के मुताबिक पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर कैंडिडेट्स की तस्वीर होगी। ईवीएम पर लगे बैलेट पेपर पर कैंडिडेट के नाम और पोल सिंबल के अलावा तस्वीर भी होगी। नसीम जैदी ने कहा कि वोटिंग कम्पार्टमेंट की हाईट 30 इंच तक बढ़ाई जाएगी। ये कदम वोटिंग को सीक्रेट रखने के लिए उठाया जा रहा है। इलेक्शन कमीशन ने कहा कि बूथ पर चार पोस्टर्स लगाए जाएंगे। एक पोस्टर में पोलिंग स्टेशन की पूरी जानकारी, वहां तैनात चुनाव अधिकारियों की जानकारी दी जाएगी। दूसरे पोस्टर में कैंडिडेट्स की पूरी लिस्ट दी जाएगी। तीसरे पोस्टर में ये लिखा होगा कि वोटिंग के दौरान क्या करना है और क्या नहीं। चौथे पोस्टर में वोटिंग के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स और कैसे वोट डालना है ये दिखाया जाएगा|
दिव्यांग फ्रैंडली होंगे बूथ
दिव्यांग फ्रैंडली होंगे पोलिंग बूथ।
गोवा में महिलाओं के लिए अलग पोलिंंग स्टेशन।
ब्लैकमनी को रोकने के लिए मॉनिटरिंग पहले से ज्यादा सख्त|