खराब प्रदर्शन के बावजूद कई बार टीम से बाहर होने से बचाया, विराट कोहली ने एमएस धोनी की जमकर प्रशंसा की

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महेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद शुक्रवार को औपचारिक रूप से टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट का कप्तान विराट कोहली को नियुक्त कर दिया| इससे पहले तक वह केवल टेस्ट टीम के ही कप्तान थे|

विराट कोहली कप्तानी मिलने के बाद भी महेंद्र सिंह धोनी के उनके करियर में योगदान को नहीं भूले हैं और ट्वीट के बाद अब एक इंटरव्यू में भी एमएस धोनी की जमकर प्रशंसा की है| उन्होंने धोनी को कप्तान नहीं बल्कि अपना संरक्षक बताते हुए कहा कि मुश्किल दौर में धोनी ने कप्तान और सीनियर खिलाड़ी के रूप में उनका हमेशा साथ दिया| यहां तक कि खराब प्रदर्शन के बावजूद कई बार टीम से बाहर होने से भी उन्हें बचाया|

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में ही साल 2008 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे करियर की शुरुआत करने वाले विराट कोहली पहले ही मैच में फेल हो गए थे और महज 12 रन पर आउट हो गए थे| दूसरे मैच में उन्होंने 37 और तीसरे में 25 रन बनाए, जो कुछ खास स्कोर नहीं थे, लेकिन धोनी ने उन्हें मौके देना जारी रखा और चौथे वनडे में उन्होंने करियर की पहली फिफ्टी बना दी| टेस्ट मैचों की बात करें, तो विराट कोहली को पहला टेस्ट वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में खेलने का मौका मिला था और उन्होंने मैच की दोनों पारियों में 4 और 15 रन बनाए थे| आगे की तीन पारियों में उन्होंने 0, 27 और 30 रन जोड़े थे| मतलब शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन एमएस धोनी उनके समर्थन में खड़े रहे और उन्हें आगे बढ़ने का पूरा मौका दिया|

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने विराट कोहली के बीसीसीआई.टीवी को दिए इंटरव्यू की एक क्लिंपिग पोस्ट की है| इसमें विराट कोहली ने कहा है कि ‘‘एमएस धोनी की जगह भरना अपने आप में बहुत बड़ी बात है| धोनी का नाम आते ही दिमाग में पहला शब्द जो आता है, वह ‘कप्तान’ है| आप एमएस धोनी को किसी अन्य चीज से नहीं जोड़ सकते| अब वह मुझे लीडरशिप हैंडओवर कर रहे हैं| मेरे लिए वह हमेशा कप्तान रहेंगे|’

विराट कोहली ने वीडियो में आगे कहा, ‘मेरे लिए वह हमेशा ऐसे इंसान रहेंगे, जिसने मुझे करियर के शुरुआती दिनों में गाइड किया| एक क्रिकेटर के रूप में विकसित होने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए| उन्होंने कई बार मुझे टीम से बाहर होने से भी बचाया…. इसीलिए मेरे मन में उनकी प्रति बेहद सम्मान है… वह भी मेरे प्रति सम्मान रखते हैं| मैं भाग्यशाली हूं कि वह अभी भी मेरे साथ रहेंगे|’’

विराट कोहली ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि एमएस धोनी अपने खेल को पूरा एंजॉय करें और उसी अंदाज में बैटिंग करें, जिसके लिए वह जाने जाते रहे हैं| उन्होंने यह भी कहा कि धोनी को ऊपरी क्रम में बैटिंग करनी चाहिए| फिर भी वह इस बारे में उनसे चर्चा करेंगे|

ऐसा कहा जाता रहा है कि वीरेंद्र सहवाग और धोनी के रिश्ते बाद के दिनों में कुछ ठीक नहीं रहे और उनको धोनी ने ही बाहर करवाया था, लेकिन इसके विपरीत कुछ दिनों पहले ही सहवाग ने एक ऐसी बात बताई थी, जिससे पता चलता है कि धोनी हमेशा युवा खिलाड़ि‍यों का समर्थन करते थे|

इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली टेस्‍ट के दौरान कमेंट्री करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने भी बताया था कि साल 2012 में जब विराट कोहली टेस्ट मैचों में कुछ खास नहीं कर पा रहे थे, तो चयनकर्ता उन्हें बाहर कर देना चाहते थे, लेकिन कप्तान धोनी ने उनका मुश्किल समय में साथ दिया और उन पर भरोसा रखते हुए उन्हें टीम से बाहर होने से बचा लिया था| गौरतलब है कि टीम इंडिया के 2012 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के पर्थ में खेले गए सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में चयनकर्ता विराट कोहली की जगह रोहित शर्मा को मौका देना चाहते थे|

उस समय महेंद्र सिंह धोनी जहां कप्तान थे, वहीं सहवाग उपकप्तान थे| सहवाग के अनुसार, उन्होंने और धोनी ने मिलकर विराट को पर्थ टेस्ट में टीम शामिल कराया था|हालांकि विराट कोहली ने इसके बाद अपनी क्षमता से सबको परिचित कराया और मेलबर्न (11 और 0 रन) और सिडनी (23 और 9 रन) की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए पर्थ टेस्‍ट की पहली पारी में 44 और दूसरी पारी में 75 रन बनाए थे| यही नहीं, एडिलेड टेस्ट में कोहली करियर का पहला शतक लगाने में भी कामयाब रहे थे| इस टेस्‍ट में कोहली ने पहली पारी में 11 चौकों और एक छक्‍के की मदद से 213 गेंदों पर 116 रन बनाए थे जबकि दूसरी पारी में वे 22 रन आउट हो गए थे|

गौरतलब है कि महेंद्र सिंह धोनी ने बुधवार को वनडे और टी-20 की कप्तानी छोड़ दी थी| चयनकर्ताओं ने अब विराट कोहली को तीनों फॉर्मेट का कप्तान बना दिया है| कोहली के वनडे टीम का नियमित कप्तान बनने के बाद भारतीय टीम पहली वनडे सीरीज इंग्लैंड के खिलाफ 15 जनवरी से खेलेगी|