अखिल भारतीय हिंदू महासभा गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ को अपना सीएम कैंडिडेट बनाने को तैयार

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अखिल भारतीय हिंदू महासभा गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ को यूपी विधानसभा चुनावों में अपना सीएम कैंडिडेट बनाने को तैयार है। हिंदू महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने कहा, “योगी आदित्यनाथ के पास हम अपने प्रदेश अध्यक्ष के जरिए सीएम कैंडिडेट बनने का प्रस्‍ताव भेजेंगे। अगर वह मान जाते हैं तो उनकी घर वापसी तय है और महासभा योगी के ही चेहरे को आगे कर चुनाव में उतरेगी।” बता दें कि बीजेपी के एक गुट में ऐसा कहा जा रहा है कि योगी को पार्टी का सीएम कैंडिडेट नहीं घोषित कर उन्‍हें साइडलाइन किया जा रहा है|
कमलेश तिवारी ने बताया, “योगी पहले हिंदू महसभा के हैं, फिर बीजेपी के नेता हैं। उनके आशीर्वाद से गोरखपुर अर्बन से चुनाव लड़ने वाले डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल 2007 तक हिंदू महासभा से ही चुनाव लड़े।यही नहीं, महंत अवैद्यनाथ भी हिंदू महासभा के सांसद रह चुके हैं। लेकिन जब योगी आदित्यनाथ चुनाव में उतरे तो हिंदू महासभा पर चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी, जिस वजह से वे बीजेपी में शामिल हो गए|”
कमलेश ने आगे कहा, “ये सही है कि बीजेपी योगी आदित्‍यनाथ को यूपी में सीएम के चेहरे के रूप में घोषित नहीं करेगी। यही सोचकर हम उनके पास प्रस्ताव भिजवा रहे हैं। अगर वह राजी हो गए तो उनकी घर वापसी तय है|”
कमलेश तिवारी ने बताया, “अगर योगी जी हमारे प्रस्ताव को मान लेते हैं तो हम 200 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। अगर वह नहीं मानते हैं तो भी हम 200 सीटों पर ही चुनाव में उतरेंगे।हमारे संपर्क में बीजेपी के कई नेता हैं, जो सिर्फ बीजेपी के टिकट की लिस्ट सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। लिस्‍ट आने के बाद कई बड़े नेता हिंदू महासभा से चुनाव में उतर सकते हैं। चुनावी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही शंकराचार्य नरेंद्रनंद हमारा घोषणा पत्र भी जारी करेंगे।हमारा घोषणा पत्र धर्म पर आधारित होगा, जिसमें हिंदू स्वराज की स्थापना, जातिगत आरक्षण खत्म करने, यूपी में छात्रसंघ बहाल कराने, महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला मित्र पुलिस की स्थापना करने जैसे मुद्दे शामिल हैं|”
कमलेश ने कहा, “हमारे पक्ष में देशभर के साधु-संत चुनाव प्रचार करेंगे। इसमें शंकराचार्य नरेंद्रनंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी गिरिजानंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रा नंद महाराज जैसे बड़े नाम हैं।इसके अलावा काशी, अयोध्या और दूसरे कई धार्मिक नगरों में रहने वाले साधु-संत बड़ी संख्या में यूपी में प्रचार करने आएंगे|”