6 महीने भी नहीं चल पाया सपा-बसपा गठबंधन, मायावती का ऐलान अब सभी चुनाव अकेले लड़ेगी पार्टी

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सपा-बसपा गठबंधन टूटने के संकेत बसपा सुप्रीमो मायावती ने कुछ दिनों पहले ही दे दिया था जब उन्होंने उपचुनावों में हिस्सा लेने का फैसला किया था, लेकिन तब उन्होंने सपा के साथ भविष्य में गठबंधन हो सकने की संभावना बरकरार रखी थी, लेकिन अब उन्होंने साफ कर दिया है कि अब गठबंधन नहीं होगा। मायावती ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी बसपा भविष्य में छोटे-बड़े सभी चुनाव अकेले लड़ेगी।

मायावती ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद एसपी का व्यवहार देखकर लगा कि ऐसा करके बीजेपी को आगे हरा पाना संभव नहीं है। मायावती ने ट्वीट कर लिखा कि, ‘बीएसपी की ऑल इंडिया बैठक कल (रविवार) लखनऊ में ढाई घंटे तक चली। इसके बाद राज्यवार बैठकों का दौर देर रात तक चलता रहा जिसमें भी मीडिया नहीं था। फिर भी बीएसपी प्रमुख के बारे में जो बातें मीडिया में फ्लैश हुई हैं वे पूरी तरह से सही नहीं हैं जबकि इस बारे में प्रेसनोट भी जारी किया गया था।’

मायावती ने आगे लिखा कि ‘वैसे भी जगजाहिर है कि एसपी के साथ सभी पुराने गिले-शिकवों को भुलाने के साथ-साथ सन् 2012-17 में एसपी सरकार के बीएसपी व दलित विरोधी फैसलों, प्रमोशन में आरक्षण विरुद्ध कार्यों एवं बिगड़ी कानून व्यवस्था आदि को दरकिनार करके देश व जनहित में एसपी के साथ गठबंधन धर्म को पूरी तरह से निभाया। परंतु लोकसभा चुनाव के बाद एसपी का व्यवहार बीएसपी को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसा करके बीजेपी को आगे हरा पाना संभव होगा? जो संभव नहीं है।’

मायावती ने आखिर में ऐलान किया कि पार्टी व मूवमेंट के हित में अब बीएसपी आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले अपने बूते पर ही लड़ेगी। मायावती ने रविवार को बीएसपी के विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी जो करीब ढाई घंटे चली। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ हुए गठबंधन और उसके परिणाम पर बात की। मायावती ने कहा है कि इस बैठक में मीडिया नहीं था और बैठक को लेकर कुछ खबरें मीडिया में फ्लैश की गई वह गलत हैं। उन्होंने ट्वीट करके सारी बातें साफ करने की कोशिश की।