मुलायम के गढ़ में सपा का सपा से मुकाबला, बसपा को बड़ा फायदा

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समाजवादी पार्टी में फैली रार के बाद यूपी चुनाव 2017 में सपा का सपा से ही मुकाबला है। सीएम अखिलेश यादव द्वारा जिन विधायकों के टिकट काटकर दूसरे को मौका दिया है, वही बागी विधायक अब निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का एलान कर चुके हैं। मुलायम के गढ़ कहे जाने वाले एटा में सदर सीट पर विधायक आशू यादव ने पार्टी से इस्तीफा देकर नए प्रत्याशी जुगेन्द्र सिंह यादव के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने का एलान किया है। बता दें कि आशू यादव द्वारा सैफई परिवार के विवाद के दौरान रामगोपाल यादव पर ही नहीं, बल्कि अखिलेश यादव पर भी बयानबाजी की गई थी।

 बसपा को मिलेगा बड़ा फायदा
सपा से सपा की इस लड़ाई में इस सीट पर सबसे बड़ा फायदा बसपा को मिलेगा। कारण है 2012 के चुनाव में आशू यादव ने 39 हजार 282 मत प्राप्त कर जीत हासिल की थी, जबकि दूसरे नंबर पर बसपा प्रत्याशी गजेंन्द्र सिंह बबलू रहे थे। उन्हें 36 हजार 38 वोट मिले थे। पहले और दूसरे नंबर की इस जीत हार में महज दो फीसद का अंतर रहा था। वहीं बीजेपी प्रत्याशी प्रजापालन वर्मा को 32 हजार 857 मत मिले थे। इस बार दो प्रत्याशी होने से सपा का वोट कटेगा, जिसका सीधा फायदा बसपा को पहुचेगा।
ये बोले आशू यादव
विधायक आशू यादव ने कहा कि अब वे निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का मन बना चुके हैं। आशू यादव ने बताया कि पांच साल में उन्होंने जनता के लिए जो काम किया, वहीं उनकी जीत का आधार बनेगा। पार्टी के फैसले पर कहा, कि जो पार्टी की मर्जी थी, उसने किया, अब जनता चाहती है, कि वे चुनाव मैदान में उतरे, इसलिए फैसला लिया है, कि निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर वे इस विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे।
बिगड़ेगा सपा का गणित
इस सीट पर आशू यादव का टिकट काटकर अखिलेश यादव की सूची में जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेन्द्र सिंह यादव को टिकट दिया गया था। इस फैसले से आशू यादव खासे नाराज दिखाई दिए। आशू यादव उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति रमेश यादव के पुत्र हैं। रमेश यादव मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाते हैं। आशू यादव के पिता रमेश यादव का एटा जिले में खासा रुतबा माना जाता है। उनकी जनता पर अच्छी पकड़ भी है, ऐसे में सपा के वोटर की मुश्किलें बढ़ गई हैं, आखिर वोट किसे दें, क्योंकि दोनों ही प्रत्याशी समाजवादी पार्टी के रहे हैं। आशू ने इस्तीफा दे दिया, तो उनके पिता रमेश यादव तो आज भी सपा में ही हैं।