नोटबंदी से कश्मीर में आतंकवाद की घटनाये 60 प्रतिशत कम हुई

37
SHARE

8 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी का नोटबंदी का फैसला कालेधन और आतंकवाद पर भारी पड़ता दिख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद, कालेधन और जाली नोटों पर रोक लगाने के लिए नोटबंदी का फैसला लिया। इस फैसले के बाद से पाकिस्तान में जाली नोट छापने वाली दो बड़ी प्रेस कारखाने को बंद होना पड़ा। साथ ही घाटी समेत देश के दूसरे हिस्सों में आतंकवाद की घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है|

खबर के मुताबिक, नोटबंदी के फैसले का राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले असर का जांच कर रही जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी केंद्र सरकार के साथ साझा की|

जांच एजेंसी के साथ जुड़े एक अफसर ने बताया कि, ‘पाकिस्तान, क्वेटा में स्थित अपने एक सरकारी प्रेस में जाली भारतीय नोट छापता था। इसके अलावा कराटी के एक प्रेस में भी जाली भारतीय नोट छापा जाता था। नोटबंदी के इन दोनों प्रेस के पास बंद होने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा|’

एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी ने आंतकवाद व नक्सलवाद की कमरतोड़ कर रख दी है। नोटबंदी के बाद आतंकियों को मिलने बाले पैसे बंद हो गए हैं, जिसके बाद घाटी में पत्थरबाजी और आतंकवादी हिंसा से जुड़ी घटनाओं में 60 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है|