अखिलेश यादव, उपचुनावों से पहले समाजवादी पार्टी में करेंगे बड़ी सर्जरी

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उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ आजकल कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है। पहले विधानसभा चुनावों में करारी हार मिली और फिर लोकसभा चुनाव में उम्मीदों के मुताबिक सफलता नहीं मिली। कुछ दिनों पहले ही बसपा प्रमुख मायावती ने गठबंधन खत्म करने का भी ऐलान कर दिया। पार्टी संगठन में बड़े वर्ग में इस सबसे निराशा है। सभी की नजर अब अखिलेश यादव की ओर टिकी है कि वह कुछ इलाज करें ताकि परिस्थितियां ठीक हो सकें। बहरहाल खबरें हैं कि अखिलेश यादव जल्दी ही पार्टी में बड़ी सर्जरी की तैयारी में हैं।

खबरें हैं कि सपा की दशा और दिशा ठीक करने के लिए अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के संगठन में बड़े बदलाव करेंगे। फिलहाल पर परिवार समेत छुट्टियों पर विदेश गए हैं और वहां से लौटकर प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन की ओवरहॉलिंग करेंगे। इसके तहत सपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही फ्रंटल संगठनों में भी नए अध्यक्षों का ऐलान हो सकता है।

लोकसभा चुनाव में सपा मात खा गई तो इसकी एक बड़ी वजह संगठनात्मक कमजोरी भी रही। भाजपा ने जिस तरह अपने संगठन की व्यूह रचना की, बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुख बनाए गए, सपा उसका मुकाबला नहीं कर पाई। फ्रंटल संगठन सुस्त दिखे वहीं चुनाव के दौरान पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को भी रोका नहीं जा सका।  

अटकलें हैं कि आमूलचूल परिवर्तन की प्रक्रिया में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की जगह किसी और नेता को प्रदेश में संगठन की बागडोर सौंपी जा सकती है। नरेश उत्तम को कोई और जिम्मेदारी दी जा सकती है।बदलाव ऊपर से नीचे तक चलेगा। मोर्चों व प्रकोष्ठों में भी नए चेहरे सामने लाए जाएंगे। जिला इकाइयां भंग कर दिए जाने और नए जिला अध्यक्ष नामित किए जाने की भी संभावना है।

अखिलेश यादव के जुलाई के पहले सप्ताह में वापस लौटने की खबरें हैं। इसी के बाद संगठन में बदलाव की प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य में जल्दी ही 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। यह चुनाव सपा के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। 12 सीटों में सपा के कब्जे में एक ही सीट रही है, ऐसे में उसके पास पाने के लिए काफी कुछ है। हालांकि तैयारी के मामले में भाजपा आगे चल रही है। इन 12 सीटों में से भाजपा के पास 10 सीटें रही हैं और वह इस बार सभी 12 सीटों पर कब्जे की तैयारी में है। ऐसे में सपा के लिए चुनौती भी बड़ी है, क्योंकि मायावती के अलग होने से मुकाबला तीनतरफा होगा।