रोक-टोक से नाराज 19 साल के लड़के ने पिता, मां,बहन को मार डाला!

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दिल्ली के वसंतकुंज इलाके के किशनगढ़ में दो दिन पहले हुई तीन लोगों की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर लिया है और इस घटना के पीछे जो कहानी आई है वह रोंगटे खड़ी कर देने वाली है। हत्या का आरोप इस परिवार में बचे रह गए एक मात्र सदस्य यानी मृतक दंपति के बेटे सूरज (19 वर्ष) पर लगा है। बताया जा रहा है कि पिता और परिवार की डांट से नाराज होकर सूरज ने चाकुओ से गोद सबकी हत्या कर दी।

पुलिस के मुताबिक सूरज ने बिल्कुल पेशेवर अपराधी की तरह इस घटना को अंजाम दिया। रात में सबकुछ सामान्य था, सबने मिलकर खाना खाया था और देर रात 3 बजे के करीब सूरज ने चाकुओं से 30 बार वार कर अपने माता-पिता और बहन तीनों की हत्या कर दी। इस हत्याकांड ने रिश्तों को तार-तार कर दिया है और देश की राजधानी को दहला दिया है।

बताया जा रहा है कि सूरज के पिता मिथिलेश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे और कई सालों से दिल्ली में ठेकेदारी का काम करते थे। मिथिलेश को अपने इकलौते बेटे के गलत रास्ते पर चलने की खबर लग गई थी, वह इसका विरोध करते थे और कई बार बेटे के न मानने पर उसकी पिटाई भी कर देते थे। इससे ही नाराज होकर बेटे ने अपने परिवार को मौत के घाट उतार दिया। पहले उसने पिता की हत्या करने की योजना बनाई थी लेकिन बाद में उसने उसकी आजादी में रोड़ा बनने वाली मां और अपनी बहन को भी मार डाला। तीनों को सोते हुए मारा गया। इन तीनों के ऊपर चाकू के कम से कम 30 वार किए गए। बहन नेहा का तो गला भी काट दिया गया जबकि पिता के पेट, गले और छाती पर चाकू व कैंची के ताबड़तोड़ वार किए गए।

दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी जिले के डीसीपी देवेंद्र आर्य का कहना है कि आरोपी सूरज ने बताया कि उसने और उसके आठ-दस दोस्तों ने ने मिलकर महरौली में एक फ्लैट किराए पर ले रखा था, इनमें कुछ लड़कियां भी थीं। फ्लैट के किराए के रूप में हर दोस्त 500 से 700 रुपये मकान मालिक को देता था। यहां ये सब दोस्त अपनी तरह से आजादी की जिंदगी जीते थे। पुलिस ने यहां पर अय्याशी और नशे का जिक्र नहीं करते हुए आजादी वाली जिंदगी जीने की बात कही है।

इस फ्लैट पर आने-जाने से सूरज रोज घर देरी से आने लगा था, पिता विरोध करते थे तो उसने अपने पिता से कहा भी था कि उसे उसके हिसाब से आजादी वाली जिंदगी जीने दें। पुलिस का कहना है कि मंगलवार को ही सूरज ने मेहरौली से चाकू और कैंची खरीदी थी।

पुलिस का कहना है कि अपने माता-पिता और बहन को सूरज ने अकेले ही मारा। घर में कोई लूट नहीं हुई। वारदात की रात सोने तक सब कुछ सामान्य रहा। सभी ने साथ-साथ खाना खाया। इसके बाद सूरज माता-पिता और बहन के सोने का इंतजार करता रहा। जब सभी सो गए तो उसने देर रात करीब 3 बजे पहले अपने पिता को मारा। फिर मां पर वार किया। इसी दौरान बहन नेहा जग गई। उसने शोर मचाना चाहा तो उसे चाकू से गोद डाला। यहां मां बेटी को बचाने आईं तो मां पर भी चाकू के ताबड़तोड़ वार कर डाले। इसके बाद तीनों पर कैंची से भी वार किए।

बताते चलें कि मंगलवार की रात हुई इस घटना के बारे में सूरज ने पड़ोसियों को बताया था। सूरज ने कहानी बनाई थी कि हत्यारे दो थे और वारदात को अंजाम देने के बाद बालकनी से भाग गए। बालकनी में कहीं भी खून के कोई निशान नहीं मिलने और शक होने से पुलिस ने सूरज से भी पूछताछ की जिसमें वह टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।