तेजस्वी यादव ऐसे दूसरे शख्स हैं जो मायावती के पैर छूते तस्वीर शेयर कर पाए

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सपा-बसपा गठबंदन बनने के बाद बिहार से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव लखनऊ पहुंचे और उन्होंने रविवार को बीएसपी सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की, पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। बीएसपी सुप्रीमो मायावती आम तौर पर सोशल मीडिया से दूर रहती हैं, उनकी पार्टी से जुड़े लोग भी उनके साथ की तस्वीरें सोशल मीडिया में शेयर करने से परहेज करते हैं। ऐसे में आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मायावती का आशीर्वाद लेते हुए तस्वीरें अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की हैं तो इसकी काफी चर्चा हो रही है।

इन तस्वीरों में तेजस्वी यादव मायावती को फूलों का गुलदस्ता देते हुए, उनके पैर छूते हुए दिखाई दिए हैं। इसके बाद उन्होंने मायावती के साथ खड़े होकर तस्वीरें खिंचाईं और पोस्ट की हैं। उन्होंने लिखा है कि उस शख्सियत को गर्मजोशी से जन्मदिन की अग्रिम बधाई। उन्होंने अपने जीवन में जो कुछ भी अचीव किया है, उसके लिए वह इस सम्मान की पात्र हैं।

तेजस्वी यादव ने इसके आगे लिखा है कि जब हम बड़ों के मार्गदर्शन में बड़े होते हैं तो वे हमें सिखाते हैं। मैं माननीय मायावती जी को उनके जन्मदिन (15 जनवरी) की शुभकामनाएं देता हूं। वह खुश रहें, सफल हों और उनकी उम्र लंबी हो। जन्मदिन की शुभकामनाएं!

बताते चलें कि तेजस्वी यादव जितना ही सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, वहीं मायावती सोशल प्लैटफॉर्म से दूर ही रहती हैं। यह दूसरी बार है जब मायावती का पैर छूते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई है। इससे पहले 2016 में बीएसपी की एक महिला नेता संगीता चौधरी जो कि यूपी की अतरौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं, उन्होंने मायावती के पैर छूते हुए तस्वीरें शेयर की थीं। उनका टिकट फाइनल था, लेकिन बताया जाता है कि मायावती के साथ तस्वीरें शेयर करना उनके ऊपर भारी पड़ गया और उनका बीएसपी से टिकट काट दिया गया।

हालांकि तेजस्वी की बात अलग है। संगीता चौधरी का पैर छूना टिकट से जोड़ कर देखा गया था, जबकि तेजस्वी ने साफ लिखा है कि वह मायावती से आशीर्वाद ले रहे हैं। तेजस्वी उम्र में काफी छोटे हैं और मायावती का पैर छूना भारतीय परंपरा के हिसाब से भी बिल्कुल सही है। मायावती से मिलकर निकले तेजस्वी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी। बसपा और सपा का गठबंधन सारी सीटों पर जीतेगा। उनका कहना था कि उनके पिता और आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव भी यही चाह रहे थे कि भाजपा को हराने के लिए बिहार की तरह ही क्षेत्रीय पार्टियों का गठबंधन जरूरी है।