क्या भड़काऊ भाषण देकर किसी दूसरे धर्म के मासूम शख्स का मर्डर करने की अनुमति है

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बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने आरोपियों को यह कहते हुए जमानत दे दी गई कि धर्म के नाम पर उकसाने पर उन्होंने हत्या कर दी| साल 2014 में मोहसिन शेख (28) की पुणे में हिंदू राष्‍ट्र सेना के सदस्‍यों द्वारा कथित तौर पर हत्‍या कर दी गई थी| इस मामले में गिरफ्तार 21 आरोपियों में से तीन को पिछले हफ्ते बॉम्‍बे हाईकोर्ट के जज द्वारा यह कहते हुए जमानत दे दी गई कि धर्म के नाम पर उकसाने पर उन्होंने हत्या कर दी|

मोहसिन के पिता सादिक़ शैख ने कहा है कि ‘क्या भड़काऊ भाषण देकर किसी दूसरे धर्म के मासूम शख्स का मर्डर करने की अनुमति है| तीनों आरोपियों को हत्या की जगह से ही गिरफ्तार कर लिया था| हमने तय किया है कि इस जमानत के आदेश को हम सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करेंगे|’

2 जून 2014 को मोहसिन जब मस्जिद से नमाज़ अदा करने के बाद अपने दोस्‍त के साथ घर की तरफ जा रहे थे, तब एक भीड़ ने शिवाजी और शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे पर मोहसिन के लिखे गए फेसबुक पोस्ट को लेकर उन पर कथित तौर पर हमला कर दिया| मोहसिन को हॉकी स्टिक, बैट और प‍त्‍थरों से पीटा गया, जबकि उनका दोस्‍त अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा| इस मामले में हिंदू राष्‍ट्र सेना के 21 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया|

पिछले गुरुवार, हत्‍या के तीन आरोपी विजय राजेंद्र गंभीर, गणेश उर्फ रंजीत शंकर यादव और अजीत दिलीप लागले को जमानत दे दी गई| जस्टिस मृदुला भटकर ने अपने आदेश में कहा ‘मृतक की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह दूसरे धर्म से ताल्‍लुक रखता था| मैं इस तथ्‍य को आरोपी के पक्ष में देखती हूं| इसके अलावा, आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और धर्म के नाम पर उकसाने पर उन्‍होंने हत्‍या कर दी’|

जज ने यह भी कहा कि आरोपी की किसी तरह की मोहसिन से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी| हमले से पहले उन्होंने एक बैठक में हिस्सा लिया था जहां उन्हें भड़काया गया| मोहसिन का परिवार इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकता है|