मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलायम और शिवपाल से की मुलाकात, अखिलेश की गैर मौजूदगी से सियासत गरमाई

102
SHARE

सियासत में न कोई किसी का स्थाई दोस्त होता है और न दुश्मन। यहां धुर विरोधी से भी मुलाकातें होती हैं और ऐसी ही एक मुलाकात हुई है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव के बीच। खास बात यह रही कि मुलायम से सीएम योगी की मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव उपस्थित नहीं थे तो इस मुलाकात के सियासी मायने तलाशे जाने लगे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के घर पहुंचे और उनका हालचाल लिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं। इस मुलाकात के दौरान प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के संस्थापक व मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव भी मौजूद थे।

इस मुलाकात के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी काफी चर्चा में है। दरअसल, पिछली बार जून में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुलायम सिंह यादव के बीमार होने पर उनकी तबियत का हाल जानने के लिए उनसे मिले थे तो उस वक्त अखिलेश यादव और शिवपाल यादव दोनों उपस्थित थे, लेकिन इस बाद सिर्फ शिवपाल यादव ही मौजूद रहे। अखिलेश यादव वहां मौजूद नहीं थे, वह समाजवादी पार्टी के दफ्तर में कार्यकर्ताओं से मिल रहे थे।

औपचारिक तौर पर इस मुलाकात को सद्भावना के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन सियासत पर नजर रखने वाले इसमें बड़ी राजनीति देख रहे हैं। दरअसल उप चुनावों में तीन सीटें जीत कर अब सपा ही भाजपा के मुख्य मुकाबले में खड़ी दिख रही है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि हिंदुत्व का चेहरा माने जाने वाले योगी आदित्यनाथ जब सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से मिलते हैं तो समाजवादी पार्टी की ‘बेस पॉलिटिक्स’ को धक्का लगता है।

अखिलेश यादव एक तरफ भाजपा से लगातार विरोध और दूरी दिखाने की कोशिश करते हैं वहीं मुलायम और शिवपाल भाजपा के नेताओं के साथ दिखते हैं तो यह निश्चित तौर पर अखिलेश के लिए चिंता और बीजेपी के लिए फायदे की बात है। एक तरह से कहें तो यह सीएम योगी का ऐसा दांव है जिसका अखिलेश यादव के पास कोई तोड़ नहीं है। वैसे इस मुलाकात को आप किस नजरिये से देखते हैं कमेंट करके अपनी राय जरूर दें।