हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का साथी अमर दुबे मुठभेड़ में ढेर, एक गिरफ्तार

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कानपुर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे अब तक फरार है, इस बीच यूपी पुलिस ने विकास के एक करीबी बदमाश अमर दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया है। एसटीएफ ने विकास दुबे के दाहिना हाथ कहे जाने वाले शार्प शूटर अमर दुबे को हमीरपुर के मौदाहा में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। अमर दुबे कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों के हत्याकांड में भी शामिल था। उसके खिलाफ चौबेपुर थाने में 5 मुकदमे दर्ज हैं।

अमर दुबे का घर विकास दुबे के घर सामने ही है। अमर दुबे के पिता संजय की सड़क हादसे में मौत हो गई थी जिसके बाद हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने ही अमर दुबे का पालन पोषण किया था। अमर दुबे बिकरू गांव में अपनी मां क्षमा दुबे के साथ रहता था। अमर दुबे हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के टॉप 10 गुर्गों में से एक था। बताया जाता है कि वह विकास दुबे का इतना खास बन गया था कि वह हमेशा ही विकास के साथ रहता था।

कानपुर में पिछले हफ्ते 8 पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद से ही अमर दुबे की तलाश की जा रही थी। अमर पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस ने अमर दुबे की मां क्षमा को भी 120 बी का मुजरिम बनाकर जेल भेजा है। बताया गया है कि घटना वाले दिन अमर की मां क्षमा बदमाशों के लिए रेकी कर रही थी। जब पुलिस पर बदमाशों ने अचानक गोलियां दागना शुरू कर दिया तो कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिसकर्मियों ने आड़ लेने और छिपने के लिए दरवाजा खटखटाया लेकिन क्षमा ने दरवाजा नहीं खोला।

इसके उलट क्षमा ने छत पर जाकर बदमाशों को सूचना दी कि नीचे पुलिसकर्मी छिपे हैं। इसके बाद बदमाश छत के रास्ते से नीचे उतरे और पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। पुलिस ने क्षमा को हत्या की साजिश होने का दोषी बताया है।

हमीरपुर में हुई इस मुठभेड़ में दो पुलिसवाले भी घायल हुए हैं। इसके अलावा इस मामले में कानपुर की चौबेपुर थाना पुलिस ने विकास दुबे के गांव के ही एक साथी श्यामू बाजपेयी को गिरफ्तार किया है। उस पर 25 हजार का इनाम था। उधर एसटीएफ, मध्य प्रदेश के शहडोल से विकास दुबे के रिश्तेदार राजीव निगम को पूछताछ के लिए लेकर आई है।