Home बिहार न्यूज़ Bihar SIR में बड़ा खुलासा, Voter List में पाकिस्तानी महिलाएं, जांच के...

Bihar SIR में बड़ा खुलासा, Voter List में पाकिस्तानी महिलाएं, जांच के आदेश

दो पाकिस्तानी महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट में पाए गए
दो पाकिस्तानी महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट में पाए गए

बिहार के भागलपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो पाकिस्तानी महिलाओं के नाम मतदाता सूची में पाए गए हैं. इन महिलाओं ने सालों पहले भारत में प्रवेश किया था और बाद में यहीं बस गईं. इस गंभीर चूक का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत इन नामों को मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं

यह मामला तब सामने आया जब गृह मंत्रालय ने उन विदेशी नागरिकों की जांच शुरू की जो वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रह रहे हैं. इसी जांच के दौरान, भागलपुर में रह रही इमराना खानम और फिरदौसिया खानम नामक दो महिलाओं के बारे में जानकारी मिली, जो मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की रहने वाली हैं.

दोनों महिलाएं 1956 में भारत आई थीं और बाद में उन्होंने भारतीय नागरिकों से शादी कर ली. रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पास आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र भी हैं. यह भी बताया जा रहा है कि उन्होंने कई चुनावों में वोट भी डाला है. इस मामले के सामने आने के बाद, प्रशासन में हड़कंप मच गया है.

भागलपुर के जिलाधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ी प्रशासनिक चूक है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है कि आखिर इतने सालों तक उनका नाम मतदाता सूची में कैसे बना रहा. इस घटना ने मतदाता सूची की सटीकता और सत्यापन प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

यह खुलासा तब हुआ जब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन विदेशी नागरिकों की जांच का अभियान शुरू किया जो भारत में वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी रह रहे हैं. इसी अभियान के तहत, भागलपुर के इशाकचक थाना क्षेत्र में रहने वाली इमराना खानम और फिरदौसिया खानम नामक दो महिलाओं का पता चला. दोनों महिलाएं मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के खुशाब जिले के रंगपुर गांव की रहने वाली हैं.

कैसे आईं भारत और कैसे बने दस्तावेज?

  • फिरदौसिया खानम 19 जनवरी 1956 को तीन महीने के वीजा पर भारत आई थीं.
  • इमराना खानम भी उसी साल तीन साल के वीजा पर भारत पहुंची थीं.

दोनों ने अपनी वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी भारत नहीं छोड़ा. उन्होंने स्थानीय भारतीय नागरिकों से शादी कर ली और यहीं रहने लगीं. रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने न केवल मतदाता पहचान पत्र (Voter ID Card) बनवा लिए, बल्कि उनके पास आधार कार्ड भी हैं. इतना ही नहीं, यह भी बताया गया है कि उन्होंने पिछले कई चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग भी किया.

प्रशासन की कार्रवाई इस मामले के सामने आने के बाद, भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने तुरंत इन दोनों महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि यह एक बड़ी चूक है और इसकी गहन जांच की जाएगी कि इन महिलाओं को भारतीय पहचान पत्र कैसे मिले और इतने सालों तक उनका नाम मतदाता सूची में कैसे बना रहा. बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) फरजा़ना खानम ने भी मीडिया को बताया कि उन्हें गृह मंत्रालय से एक पत्र मिला था, जिसके आधार पर उन्होंने नाम हटाने की अनुशंसा की है.

इस मामले ने भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और सरकारी दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन ने दोनों महिलाओं को नोटिस भेजकर उनसे उनके दस्तावेजों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है.