पहले अपने गठबंधन का मुखिया तय कर ले विपक्ष: मुख्यमंत्री योगी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा-बसपा गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि पहले विपक्ष तय कर ले कि उसके गठजोड़ का मुखिया कौन होगा. योगी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में सपा-बसपा गठबंधन के बारे में कहा, ‘‘यह गठबंधन है या सत्ता की सौदेबाजी. पहले यह तो तय हो जाए कि इस गठबंधन का नेता कौन होगा. अखिलेश यादव होंगे, मुलायम सिंह यादव या मायावती होंगी. या इस गठबंधन में कांग्रेस के भी जुड़ने पर राहुल गांधी होंगे.’’ उन्होंने कहा कि ”सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस भविष्य का गठबंधन देख रही है, राहुल गांधी पहले यह देखें कि उनकी जगह कहां पर है, साइकिल में तो दो ही सीट होती हैं, तीसरी लगती ही नहीं है.’’

मुख्यमंत्री ने आगामी लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के 25-30 सीटें जीतने की केन्द्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले के अंदाजे के विपरीत कहा कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनावों में हार के बावजूद 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रदेश की सभी 80 सीटें जीतेगी. इस सवाल पर कि क्या वह भविष्य में कभी खुद को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखते हैं, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘नहीं, मैं किसी पद के लिए दावेदार नहीं हूं, मैं एक योगी हूं, मुझे पार्टी ने प्रदेश की जनता की सेवा का अवसर दिया है, मैं प्रदेश की जनता की सेवा कर रहा हूं.’’

इस सवाल पर कि क्या उत्तर प्रदेश में ब्रैंड मोदी या ब्रैंड योगी कमजोर हो रहा है, योगी ने कहा, ‘‘ब्रैंड मोदी देश का एक ब्रैंड बन चुका है, मोदी जी का कोई विकल्प नहीं है, लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़ा जाता है स्थानीय मुद्दों पर नहीं. दूसरा, हम लोगों ने प्रदेश में इस एक वर्ष के अंदर कुछ अच्छा करने का प्रयास किया है, ये सारी चीजें गिनी जाएंगी.’’

अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को लेकर देश-विदेश में लोगों की धारणा थी, उसे बीते एक साल में बदलने में कामयाबी मिली है. योगी के मुताबिक अपराधियों में पुलिस का भय कायम हुआ है. मुख्यमंत्री ने बीते एक साल में प्रदेश में एक भी फर्जी मुठभेड़ होने से इनकार किया.