बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का काम अब अपने अंतिम चरण में है.

आखिरी तारीख़ है 1 सितंबर

बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी अहम जानकारी। चुनाव आयोग ने बताया है कि 98.2% मतदाताओं ने अपने दस्तावेज़ जमा कर दिए हैं. शेष 1.8% मतदाताओं के लिए दस्तावेज़ जमा करने की अंतिम तिथि अब 1 सितंबर है। इस दौरान मतदाता अपने नाम में सुधार करवा सकते हैं या नए नाम जुड़वा सकते हैं जानें पूरी प्रक्रिया और ज़रूरी दस्तावेज़ों की जानकारी.

जिन मतदाताओं ने अभी तक अपने दस्तावेज़ नहीं दिए हैं, उनके पास 1 सितंबर तक का समय है। चुनाव आयोग ने बताया कि 24 जून से 24 अगस्त तक, यानी 60 दिनों में 98.2% लोगों ने दस्तावेज़ दिए, जिसका मतलब है कि औसतन हर दिन 1.64% लोगों ने यह काम किया.

बाकी बचे 1.8% लोगों को अगले 8 दिनों में अपने दस्तावेज़ जमा करने होंगे.

दस्तावेज़ जमा करने का आसान तरीका

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अवधि न केवल ड्राफ्ट सूची में सुधार करने के लिए है, बल्कि उन लोगों के लिए भी है जिन्होंने फ़ॉर्म भरते समय ज़रूरी दस्तावेज़ जमा नहीं किए थे। मतदाता अपना नाम जोड़ने या सुधारने के लिए आधार या सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्य 11 अन्य दस्तावेज़ों में से कोई भी एक दे सकते हैं.

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया है कि वह बिहार में यह पुनरीक्षण कार्य समय पर पूरा कर लेगा.

क्यों हो रहा है यह पुनरीक्षण?

  • त्रुटि रहित सूची बनाना: बिहार में यह पुनरीक्षण अभियान लगभग 22 साल बाद हो रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य एक ऐसी मतदाता सूची तैयार करना है जिसमें कोई भी त्रुटि न हो।
  • तेजी से बदलाव: पिछले दो दशकों में शहरीकरण और लोगों के एक जगह से दूसरी जगह जाने (प्रवासन) के कारण मतदाता सूची में कई तरह के बदलाव हुए हैं। पुराने नाम हटने और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया को सही ढंग से पूरा करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है।
  • पात्र नागरिकों को शामिल करना: इसका लक्ष्य उन सभी पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करना है, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, ताकि वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।

पुनरीक्षण की प्रक्रिया:

  • घर-घर जाकर सत्यापन: इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं।
  • दस्तावेज़ जमा करना: मतदाताओं को अपने नाम का सत्यापन कराने और ज़रूरी सुधार के लिए दस्तावेज़ जमा करने होते हैं। इसमें वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड या चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त 11 अन्य दस्तावेज़ों में से कोई भी एक दिया जा सकता है।
  • दावे और आपत्तियाँ: 1 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद, लोगों को 1 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया गया है। जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे इस दौरान अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
  • ऑनलाइन प्रक्रिया: जो मतदाता घर से दूर हैं, वे ऑनलाइन माध्यम से भी अपना फॉर्म और दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तारीखें और आगे की प्रक्रिया:

  • दस्तावेज़ जमा करने की अवधि: 24 जून से 24 अगस्त तक 98.2% लोगों ने दस्तावेज़ जमा कर दिए हैं।
  • दावे और आपत्तियाँ: 1 अगस्त से 1 सितंबर तक आप ड्राफ्ट सूची पर दावे और आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं।
  • अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की जाँच के बाद, अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित की जाएगी।

इस अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बिहार के आगामी चुनावों के लिए एक सटीक और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार हो सके। चुनाव आयोग इस कार्य को पूरा करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ भी समन्वय कर रहा है।