चुनाव नतीजों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया

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लोकसभा चुनावों से पहले यूपी में जब सपा-बसपा गठबंधन का ऐलान हुआ था तो इसे ऐतिहासिक घटना माना गया था और चुनाव में इस गठबंधन की बड़ी जीत के दावे किए गए थे लेकिन नतीजों से बाद ऐसा कुछ हुआ नहीं। चुनाव नतीजों में समाजवादी पार्टी को नुकसान तो बहुजन समाज पार्टी को फायदा हुआ है।

2014 के चुनाव से तुलना करें तो समाजवादी पार्टी को कोई फायदा नहीं हुआ, पार्टी पिछली बार की तरह पांच सीटें ही जीत सकी। सपा को आजमगढ़, जौनपुर, मैनपुरी, संभल और रामपुर में जीत मिली है, जबकि कन्नौज, बदायूं और फिरोजाबाद जैसी परंपरागत सीटें उसके हाथ से निकल गई हैं। इसके अलावा गोरखपुर, फूलपुर और कैराना जैसी सीटें जो कि उसे उपचुनावों में मिली थीं वह भी नहीं बचीं।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव आज़मगढ़ में भाजपा के निरहुआ को लगभग 2.40 लाख वोटों से भारी अंतर से हरा कर अपनी साख बचा पाने में तो कामयाब रहे, लेकिन पार्टी के स्तर पर ऐसा नहीं हो सका। चुनाव नतीजों पर उन्होंने पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि ‘जनमत स्वीकार! उत्तर प्रदेश की सम्मानित जनता और तमाम कार्यकर्ताओं का धन्यवाद’।

चुनाव में कामयाबी नहीं मिलने की वजह पर सपा-बसपा दोनों ही आगे मंथन जरूर करेंगे, कारण चाहे जो रहे हों लेकिन पिछली बार शून्य पर रहने वाली बसपा के 10 सीटें जीतने और सपा के 5 पर ही रह जाने से साफ है कि बसपा के वोट सपा को पूरी तरह से ट्रांसफर नहीं हुए। सवाल अब यह भी उठ रहे हैं कि क्या यह गठबंधन विधानसभा चुनाव तक भी बरकरार रह पाएगा?