Top News 17 May: उत्तर प्रदेश की आज की बड़ी खबरें

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उत्तर प्रदेश में अब पैदल, दोपहिया या ट्रक जैसे साधनों से आने वाले प्रवासियों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। औरैया समेत कई जिलों में प्रवासी मजदूरों के साथ हुए हादसों के चलते ऐसा फैसला किया गया है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने यह आदेश जारी किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को टीम 11 के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि हर जिले मे बॉर्डर पर 200 बसें रख कर डीएम के निर्देशन में चलाने के आदेश पहले से हैं। जिलाधिकारी तय करें कि कोई भी पैदल, अवैध या असुरक्षित वाहनों से यात्रा न करे। ऐसा कहीं पाया गया तो लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि जिस प्रदेश ने देश को महामहिम दिए, प्रधान जी दिए, उस उप्र ने अपनी सीमाओं को ग़रीबों के लिए सील कर दिया है. बिना सड़क प्रवासी मज़दूर भला कैसे बिहार, उड़ीसा, झारखंड, बंगाल व पूर्वोत्तर जाएंगे. ये हवा-हवाई सरकार कोई हवाई मार्ग ही बता दे.

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि BJP सरकार गरीब-मजदूर विरोधी मानसिकता की है,BJP सरकार का फ़रमान,प्रवासी मज़दूरों को उप्र बार्डर पर नहीं घुसने देंगे,ना ही सड़क ना रेल ट्रैक पर चलने देंगे,ना ही ट्रक-साइकिल-मोटरसाइकिल से नहीं जाने देंगे, गरीब-मजदूर अपने ही घर मे नही आ सकता। सरकार इन गरीबों के ऊपर इतना जुल्म मत करो।

उत्तर प्रदेश में शनिवार को जारी कोरोना संक्रमण के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में संक्रमण के 195 नए मामले सामने आए। इस तरह से प्रदेश में कोरोना संक्रमण के अब तक कुल मामलों की संख्या 4140 हो गई है। स्वस्थ होकर घर जा चुके मरीजों की संख्या 2327 है जबकि सक्रिय मामलों की संख्या 1718 है। कोरोना से अब तक 95 मरीजो की मौत हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव अजय मोहन प्रसाद ने कहा है कि ऐसे लोग जिनके बड़े घर हैं और उनके यहां एक से ज्यादा टॉयलेट हैं उन्हें होम क्वारेंटाइन में जाने की इजाजत दी जा सकती है। लेकिन उन्हें कुछ नियमों का पालन करना होगा जैसे कि परिवार के सदस्यों से दूर रहना होगा और अपने कमरे से अटैच टॉयलेट इस्तेमाल करना होगा। परिवार का अन्य सदस्य इस टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं करेगा।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फिर से चिट्ठी लिखी है। इस बार उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस 1000 बसें चलवाना चाहती है, इसकी इजाजत दी जाए। प्रियंका ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार के वादों के बावजूद मजदूरों को सुरक्षित उनके घर भेजने की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसीलिए कांग्रेस मजदूरों की मदद के लिए 500 बसें नोएडा बॉर्डर से और 500 बसें गाजियाबाद बॉर्डर से अपने खर्च पर चलवाने की अनुमति चाहती है।

प्रियंका के पत्र पर राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि प्रियंका को यह बसें पंजाब,राजस्थान व महाराष्ट्र सरकार को उपलब्ध करानी चाहिए जिससे इन प्रदेशों से अपने घर लौट रहे श्रमिकों को सहायता हो सके। उन्होंने कहा कि इन तीनों राज्यों की सरकारों ने श्रमिकों के लिए भोजन-पानी और रहने की व्यवस्था कर दी होती तो वह पलायन के लिए विवश नहीं होते।

प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर शनिवार को पहली बार उत्तर प्रदेश के सांसद और महाराष्ट्र सरकार के गृहमंत्री अनिल देशमुख के बीच अधिकृत बातचीत हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बातचीत में अनिल देशमुख ने कहा कि प्रवासियों को पैदल नहीं जाने देंगे, जो अपने घर जाना चाहते हैं उनके लिए प्रबंध करेंगे।