घोसी के उपचुनाव नतीसे से साफ है कि ओमप्रकाश राजभर पूरे राजभर समाज वोटों को भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में ट्रांसफर नहीं करा पाए। उधर, सपा के प्रत्याशी सुधाकर सिंह को समर्थन देने वाले महेंद्र राजभर का सियासी कद अचानक काफी बढ़ गया है।
घोसी में सुहेलदेव भारतीय स्वाभिमान पार्टी के नेताओं ने ओमप्रकाश राजभर की राजभर बिरादरी की ठेकेदारी खत्म कर देने की बात कही थी। जवाब में एक सभा के दौरान ओमप्रकाश राजभर ने महेंद्र राजभर को पियक्कड़ करार दिया। यानी अब इन दोनों राजभर नेताओं के बीच विवाद की खाई चौड़ी ही होती जा रही है।