Home उत्तर प्रदेश एमपी में कांग्रेस से जितना मिलेगा अखिलेश यूपी में उतना ही लौटाएंगे!

एमपी में कांग्रेस से जितना मिलेगा अखिलेश यूपी में उतना ही लौटाएंगे!

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मध्य प्रदेश में अपनी पार्टी के चुनाव अभियान के लिए निकले हैं। उन्होंने अपने दौरे के दूसरे दिन पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और खजुराहो में सार्वजनिक सभा को भी संबोधित किया।

मध्य प्रदेश के लोगों की नब्ज टटोलने के बाद अखिलेश यादव ने एमपी की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यहां हर वर्ग के लोग आज दु:खी हैं।मध्य प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। इस बार एमपी में परिवर्तन होना तय है और INDIA गठबंधन में समाजवादी पार्टी के लोग साथ है।

अखिलेश के अनुसार उत्तर प्रदेश से भाजपा के जो 100 विधायक प्रचार करने के लिए मध्य प्रदेश आएंगे वह हार का स्वाद चखेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा वालो को ये साबित करना चाहिए कि मध्य प्रदेश प्रत्याशियों की उसकी सूची में कम से कम 33 परसेंट महिलाएं दिखाई दें। वरना इसका मतलब ये है कि केवल माताओं बहनों को धोखा देने के लिए महिला आरक्षण बिल लाया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को अगर 20 प्रतिशत महिलाएं लड़ानी पड़ी तो लड़ाएंगे। सपा की मांग है और घोषणा पत्र में भी शामिल करेंगे कि यहां कि गरीब माताओं बहनों को 6000 रुपए मिले।

अखिलेश का कहना था कि मध्य प्रदेश में हार का अंदेशा बीजेपी को भी है, इसलिए उन्होंने यहां से अभी तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सीट घोषित नहीं की है। दरअसल मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने उम्मीदवारों की तीन लिस्ट जारी कर दी है। वहीं अभी तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किस सीट से चुनाव लड़ेंगे इस पर सहमति नहीं बन पाई है।

इंडिया गठबंधन की बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ‘हमलोग इंडिया गठबंधन के साथ हैं। इंडिया गठबंधन में युवा से लेकर पिछड़े समाज के कई तरह के लोग हैं।’ वहीं 2018 विधानसभा चुनाव की बात को याद करते हुए अखिलेश ने कहा कि ‘जिस समय कांग्रेस के पास बहुमत नहीं था, उस समय हमारी पार्टी के विधायक को खोजा जा रहा था। हमारी पार्टी ने सबसे पहले कांग्रेस को समर्थन किया था।’ बताते चलें कि पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 52 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसके एक उम्मीदवार की जीत हुई थी। अखिलेश यादव इस बार इंडिया गठबंधन में कांग्रेस से ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।

एमपी में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है, ऐसे में कांग्रेस समाजवादी पार्टी को ज्यादा सीट दा पाने की स्थिति में नहीं है। लेकिन यही स्थिति कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में है। यूपी में कांग्रेस बुरी हालत में है और समाजवादी पार्टी सीधे भाजपा के मुकाबले में है। अखिलेश यादव इसी का फायदा उठाते हुए एमपी में बार्गेन करना चाहते हैं। कांग्रेस एमपी में जिस अनुपात में सीटे देगी उसी अनुपात में अखिलेश कांग्रेस को यूपी में सीटों की हिस्सेदारी दे सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस के सामने भी काफी चुनौती खड़ी हो गई है।

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