मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कुपोषण के खिलाफ जंग में सभी को पूरी निष्ठा से आगे आना होगा

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री का यहां पर अलग ही अंदाज दिखाई दिया, उन्होंने खुद ही बच्चों को पौष्टिक खाना परोसा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को सहजन की दाल, दलिया, लड्डू व खिचड़ी खिलाई। मुख्यमंत्री ने एक बच्ची के जन्मदिन पर केक भी काटा और बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया। कुछ बच्चों को वह खुद अपने हाथों से खाना खिलाते और दुलारते भी दिखे।

मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में किशोरियों को पौष्टिक आहार की पोटली दी। इसके अलावा उन्होंने गर्भवती महिलाओं को भी पौष्टिक आहार की थाली दी। मुख्यमंत्री का कहना था कि श्रेष्ठ भारत के निमार्ण के लिए हर नागरिक का स्वस्थ्य होना जरूरी है। जब देश का हर एक बच्चा, पुरुष और महिलायें स्वस्थ होंगी, तभी श्रेष्ठ भारत का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जिस देश का बचपन कमजोर और कुपोषण का शिकार हो उस देश की जवानी और विकास को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर कुपोषण के खिलाफ जंग की शुरुआत पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इसी के तहत पूरा सितंबर माह राष्ट्रीय पोषण माह के तौर पर मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह का कार्यक्रम नए भारत के संकल्पों को साकार करने वाला कार्यक्रम है। हम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के लिए कार्य कर रहे हैं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ जंग सिर्फ एक व्यक्ति की कोशिश से संभव नहीं है, हमें पूरी निष्ठा के साथ आगे आना होगा, ताकि हमारे देश के बच्चे स्वस्थ रहें और देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों और संबधित विभागों को एक कार्ययोजना बनाकर और मिलजुल कर कुपोषण से लड़ना होगा। कार्ययोजना के प्रभावी रूप से क्रियान्वयन और इसकी निगरानी बेहद जरूरी है। अगर संबंधित विभाग बेहतर तालमेल से काम करें, तो कुपोषण के खिलाफ जंग जीती जा सकती है।